नई दिल्ली: दिल्ली के ट्रांस-यमुना क्षेत्र विकास बोर्ड के चेयरमैन सरदार अरविंदर सिंह लवली (Arvinder Singh Lovely) ने पाकिस्तान (Pakistan) में 100 साल से भी पुराने गुरुद्वारे को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ तो पाकिस्तान दुनिया भर में अल्पसंख्यकों का रक्षक होने का दिखावा करता है, लेकिन दूसरी तरफ वह अपनी सीमाओं के भीतर अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहा है।
लवली ने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ जैसा व्यवहार किया जाता है और उनके धार्मिक स्थलों को जिस तरह गिराया जाता है, वह कड़ी से कड़ी निंदा के योग्य है। उन्होंने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत पाकिस्तान सरकार को कड़ा संदेश भेजा और गिराए गए गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण की मांग की।
लवली ने आगे कहा कि यह घटना यूनेस्को के नियमों का उल्लंघन भी है, क्योंकि यूनेस्को के दिशानिर्देशों के अनुसार, 100 साल से अधिक पुराने धार्मिक स्थलों की रक्षा करना हर देश की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी धरोहर स्थलों के मूल ढांचे के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को इन नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
लवली ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों के साथ पाकिस्तान की छेड़छाड़ का यह कोई पहला मामला नहीं है; अतीत में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनका मकसद अपनी ही धरती पर अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना था।


