– भूमि विवादों में लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के जनता दर्शन में भूमि संबंधी मामलों में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। एक महिला की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि रास्ता दिलाने में लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार खुद को असमर्थ मानते हैं तो उन्हें निलंबित किया जाए। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने सबसे पहले पालन करते हुए रुख कड़ा किया है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने उनके प्रार्थना पत्र लिए और अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। भूमि विवादों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कड़ा संदेश दिया कि किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने भी राजस्व मामलों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है। भूमि, रास्ते, सीमांकन, कब्जे और पैमाइश से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया जा रहा है कि शिकायत का निस्तारण केवल कागजों में दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं होगा। यदि किसी मामले में लापरवाही, मनमानी अथवा अनावश्यक देरी सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
गांवों में भूमि और रास्ते के विवाद लंबे समय से आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। खेत तक जाने वाला रास्ता बंद होने से किसान की फसल प्रभावित होती है तो घर का रास्ता बंद होने पर पूरा परिवार परेशान हो जाता है। ऐसे मामलों में कमजोर व्यक्ति के लिए दबंग के सामने खड़ा होना आसान नहीं होता।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर की निगरानी में राजस्व अधिकारियों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे शिकायतों की वास्तविकता समझें और मौके पर जाकर समाधान करें। पैमाइश, सीमांकन, रास्ते और कब्जे से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई हो, ताकि विवाद लंबे समय तक न खिंचे।


