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Friday, July 3, 2026

E20 पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले- ‘देश को प्रयोगशाला बना दिया’

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नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देशभर के लोगों पर जबरन इथेनॉल मिश्रित (Ethanol-blended) E20 पेट्रोल थोप रही है, जिससे वाहन चालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

केजरीवाल ने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और कई गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति के जरिए मोदी सरकार ने पूरे देश को एक “प्रयोगशाला” बना दिया है। AAP प्रमुख ने कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। साथ ही उन्होंने आम लोगों से भी सुझाव मांगे हैं, ताकि उन्हें पत्र में शामिल कर सरकार के समक्ष रखा जा सके।

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देशभर में लोगों पर जबरन E20 पेट्रोल थोप रही है। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण कई लोगों की गाड़ियां बंद पड़ रही हैं, वाहनों के पार्ट्स खराब हो रहे हैं और माइलेज में भी कमी आ रही है। केजरीवाल ने कहा, “मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक एक्सपेरिमेंट लैब है। लोगों पर जबर्दस्ती E20 पेट्रोल थोपा जा रहा है। लोगों में इसे लेकर काफी नाराजगी है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि 20 % इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर जनता में व्यापक असंतोष है। उनका दावा है कि 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह व्यवस्था एक ‘प्रयोग’ है और आगे की नीति इसके परिणामों पर निर्भर करेगी। हालांकि, बाद में मीडिया में यह जानकारी आने के बाद केंद्र सरकार ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि उसने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और इस तरह की खबरें गलत हैं।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि इसे वास्तव में एक प्रयोग माना जा रहा है, तो पहले पूरे देश में 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लागू क्यों किया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि इस ईंधन के इस्तेमाल से किसी उपभोक्ता के वाहन को नुकसान पहुंचता है, तो क्या सरकार ऐसे मामलों में प्रभावित लोगों को मुआवजा देगी।

उन्होंने आगे कहा, “अगर लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो आप इसे उन पर क्यों थोप रहे हैं? आप इसे वापस क्यों नहीं ले रहे? जिन लोगों ने आपको वोट दिया है, उनकी राय का सम्मान करना और उनकी बात सुनना सरकार का दायित्व है।” वहीं, दूसरी ओर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर प्रसारित हो रहे भ्रामक और निराधार दावों पर प्रतिक्रिया दी थी।

मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है और इसकी नियमित रूप से निगरानी की जाती है। मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम को लागू करने से पहले आवश्यक तकनीकी परीक्षण और मूल्यांकन किए गए हैं तथा इसके संचालन पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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