फर्रुखाबाद। बीती रात हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद जनपद के मक्का उत्पादक किसानों ने अपनी तैयार फसल को सुरक्षित बेचने के लिए मंगलवार सुबह से ही सरकारी क्रय केंद्रों और निजी मंडियों का रुख किया। बड़ी संख्या में किसानों के एक साथ पहुंचने से खरीद केंद्रों पर भीड़ देखने को मिली। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप वाहनों से मक्का लेकर पहुंचे किसानों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
मंगलवार को जिले में अच्छी गुणवत्ता वाली मक्का का अधिकतम भाव ₹20.70 प्रति किलोग्राम (₹2,070 प्रति क्विंटल) दर्ज किया गया। किसानों का कहना है कि मौसम में बदलाव और आगे बारिश की संभावना को देखते हुए वे फसल को अधिक समय तक घरों में रखने का जोखिम नहीं लेना चाहते। नमी बढ़ने पर दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने और कीमत घटने की आशंका रहती है, इसलिए अधिकांश किसानों ने एक साथ बिक्री शुरू कर दी।
फर्रुखाबाद जनपद मक्का उत्पादन के लिए प्रदेश के प्रमुख जिलों में माना जाता है। जिले में प्रत्येक वर्ष लगभग 35 से 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्का की खेती की जाती है, जिससे करीब 2.5 से 3 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। जिले की मक्का कानपुर, इटावा, कन्नौज, हरदोई समेत अन्य जनपदों के साथ-साथ पोल्ट्री फीड और स्टार्च उद्योगों में भी भेजी जाती है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे फसल बेचने से पहले मक्का को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी या क्रय केंद्र पर लाएं, ताकि नमी अधिक होने के कारण कटौती या खरीद में परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते किसानों ने तेजी से मक्का की बिक्री शुरू कर दी है।


