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Monday, June 22, 2026

फील्ड वाली डीएम मैडम लाठऱ : फर्रुखाबाद में जमीनी प्रशासन की नई पहचान

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– मिशन कम्पाउंड एरिया को वेंडिंग जोंन बनाने की तैयारी
– नगर पालिका से प्रस्ताव बनाने को किया सहमत
– आवारा कुत्तों के ईटिंग पॉइंट पर गंभीरता से विचार
– गाशालाओं को मंदिर जैसे सजाने की तैयारी
– सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पैनी नजर खुद करतीं निरीक्षण
फर्रुखाबाद। किसी जिले की पहचान केवल उसके विकास कार्यों से नहीं, बल्कि उन कार्यों की निगरानी करने वाले प्रशासनिक नेतृत्व से भी बनती है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की कार्यशैली भी इसी क्रम में चर्चा का केंद्र है। वजह है उनका फील्ड पर लगातार सक्रिय रहना और जनमानस की छोटी से छोटी जनसमस्या पर भी गंभीरता से ध्यान देना।

हाल के दिनों में जिले को व्यवस्थित बनाने की दिशा में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। फर्रुखाबाद मुख्य मार्ग पर मिशन कम्पाउंड के पास वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना इसी सोच का हिस्सा मानी जा रही है। इससे जहां रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा,और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा वहीं जाम की समस्या से निजात के साथ साथ शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी । इसके लिए उन्होंने नगरपालिका को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

शहर में बढ़ती आवारा पशु और कुत्तों की समस्या को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। आवारा कुत्तों के लिए निर्धारित ईटिंग पॉइंट विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिससे पशुओं और आम नागरिकों दोनों के हितों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।और आवारा गोवंश भी आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाये।

गौसंरक्षण को लेकर भी जिलाधिकारी की विशेष रुचि दिखाई दे रही है। जिले की गौशालाओं को केवल पशु आश्रय स्थल नहीं, बल्कि स्वच्छ और आकर्षक आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार गौशालाओं को मंदिरों की तर्ज पर व्यवस्थित और सुंदर बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे वहां बेहतर वातावरण तैयार हो सके।

विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी डॉ. लाठर की कार्यशैली अलग दिखाई देती है। निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता पर उनकी सीधी नजर रहती है। निरीक्षण के दौरान वह केवल रिपोर्टों पर निर्भर नहीं रहतीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करती हैं। अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को भी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ की तैयारियों, स्वास्थ्य सेवाओं, जनसुनवाई और विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा ने उन्हें एक सक्रिय प्रशासनिक अधिकारी के रूप में स्थापित किया है। फर्रुखाबाद के लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि जिले की कमान ऐसी जिलाधिकारी के हाथों में है जो समस्याओं को फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर समझना पसंद करती हैं।

प्रशासनिक सक्रियता, विकास के प्रति प्रतिबद्धता और जनहित के मुद्दों पर निरंतर ध्यान ने डॉ. अंकुर लाठर को जिले में एक ऐसी अधिकारी के रूप में पहचान दिलाई है, जिनकी प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना भी है।

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