मऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी आलोक मिश्रा को मऊ शहर के मुंशीपुरा स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र के बाबूरायपुर मानपुर गांव का निवासी है।
विशेष कार्य बल के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के अनुसार 11 फरवरी 2024 को आयोजित समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में आलोक मिश्रा की संलिप्तता सामने आई थी। जांच के दौरान पता चला कि आलोक मिश्रा और उसके बहनोई कृष्णा पांडेय, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, की मुलाकात वाराणसी रेलवे स्टेशन पर प्रश्नपत्र लीक गिरोह के सरगना अमरजीत शर्मा से हुई थी। परीक्षा में सफल कराने के नाम पर दोनों से 12-12 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था, जिसमें तीन-तीन लाख रुपये अग्रिम रूप से दिए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि सौदा तय होने के बाद दोनों को भोपाल बुलाया गया, जहां उन्हें एक होटल में ठहराया गया। परीक्षा से पहले उन्हें कथित रूप से प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए दिया गया और कुछ घंटे बाद वापस ले लिया गया। मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान आलोक मिश्रा का नाम सामने आया था, जिसके बाद से विशेष कार्य बल उसकी तलाश कर रहा था।करीब दो वर्ष तक फरार रहने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेष कार्य बल अब उससे पूछताछ कर प्रश्नपत्र लीक गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे षड्यंत्र की परतें खोलने का प्रयास कर रहा है। यह मामला प्रदेश की सबसे चर्चित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं में शामिल रहा है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ था।


