– सिटी मजिस्ट्रेट की नोटिस के बाद तेज हुई कार्रवाई
– अवैध घोषित प्लॉटिंग तक पहुंचने वाले रास्तों पर लग सकता है प्रतिबंध
– तेल माफिया संग भाजपा नेता कर रहे ज़मीन का काम
– लखनऊ आवास विकास मुख्यालय ने भी मांगी रिपोर्ट, भूमाफियाओं में हड़कंप
फर्रुखाबाद। आवास विकास कालोनी के निकट नेकपुर कलां क्षेत्र में लंबे समय से चल रही कथित अवैध प्लॉटिंग के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा संबंधित मामले में नोटिस जारी किए जाने और प्लॉटिंग को अवैध घोषित किए जाने के बाद अब आवास विकास परिषद भी हरकत में आ गई है। सूत्रों के अनुसार परिषद द्वारा अवैध प्लॉटिंग तक पहुंचने वाले रास्तों को बंद करने सहित कई कठोर कदमों पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए आवास विकास परिषद के उच्चाधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। लखनऊ मुख्यालय स्तर पर पूरी रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि परिषद की भूमि अथवा नियोजित क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ जल्द ही बड़ा अभियान चलाया जा सकता है।
सूत्र बताते हैं कि जिस क्षेत्र में प्लॉटिंग की जा रही है, वहां विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद के नियमों की अनदेखी कर भूखंडों की बिक्री किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामले की जांच के बाद प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए संबंधित गतिविधियों को नियम विरुद्ध माना है।
सबसे बड़ी कार्रवाई उन संपर्क मार्गों पर हो सकती है जिनके सहारे अवैध प्लॉटिंग को वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। परिषद के अधिकारियों का मानना है कि यदि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों तक पहुंचने वाले मार्गों को नियंत्रित किया जाता है तो ऐसे निर्माण और भू-विक्रय गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों में केवल नोटिस देकर कार्रवाई सीमित नहीं रखी जाएगी, बल्कि अवैध निर्माण, सड़क निर्माण, प्लॉट बिक्री और भू-उपयोग परिवर्तन की भी गहन जांच कराई जाएगी। इससे क्षेत्र में सक्रिय अवैध प्लॉटिंग कारोबारियों और भूमाफियाओं में बेचैनी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आवास विकास क्षेत्र के आसपास अनियोजित कॉलोनियों का जाल फैल सकता है, जिससे भविष्य में सड़क, सीवर, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। लोगों की निगाहें आवास विकास परिषद और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि लखनऊ स्तर से निर्देशों के अनुरूप अभियान चलाया गया तो नेकपुर कलां का यह मामला जिले में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आ सकता है।


