सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार, निष्पक्ष जांच की मांग
कंपिल, संवाददाता। थाना कंपिल क्षेत्र के ग्राम ग्रासपुर निवासी मुसाफिर की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उदयपाल सिंह यादव, सूर्यदेव तथा तीन अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मारपीट, जान से मारने की धमकी और फायरिंग के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मुसाफिर ने आरोप लगाया है कि 4 जून की रात करीब 10 बजे वह ग्राम शंकरपुर हरहरपुर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुखबीर सिंह के घर के निकट पहले से मौजूद उदयपाल सिंह यादव, सूर्यदेव और उनके तीन साथियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित के अनुसार वह किसी तरह वहां से निकलकर भागे, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा किया।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव ने तमंचा निकालकर जान से मारने की धमकी दी और दो फायर किए। हालांकि दोनों गोलियां उन्हें नहीं लगीं और वह बाल-बाल बच गए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि चुनाव के दौरान सहयोग न करने के कारण आरोपी उनसे रंजिश रखते हैं। तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष उदयपाल सिंह यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना के दिन दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी हुई थी, जिसे गांव के सम्मानित लोगों की मौजूदगी में सुलझा लिया गया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो गया था।
उदयपाल यादव ने कहा कि फायरिंग, धमकी और मारपीट के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच में सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। क्षेत्रीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे उदयपाल यादव कंपिल नगर पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
थानाध्यक्ष नितिन चौधरी ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


