लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंजाब मेल ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश से जुड़े मामले में एक बार फिर जांच तेज हो गई है। रेल मंत्रालय के निर्देश के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर रेलवे ट्रैक पर कई किलो वजनी लोहे का फ्रेम किसने और किन उद्देश्यों से रखा था।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब रेलवे ट्रैक पर भारी लोहे का फ्रेम मिलने से पंजाब मेल एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई थी। समय रहते मामले की जानकारी मिलने के कारण संभावित दुर्घटना टल गई, लेकिन इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद RPF ने कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसियां अब तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं से मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को भी खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां घटना के समय सक्रिय रहे मोबाइल नेटवर्क डेटा का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति तक पहुंचा जा सके।
मामले में रेलवे संपत्ति चोरी करने वाले कई शातिर चोरों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। RPF ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों का मानना है कि ट्रैक पर मिला भारी लोहे का फ्रेम रेलवे से जुड़ी चोरी की घटनाओं या किसी संगठित गिरोह से भी जुड़ा हो सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए पुराने रिकॉर्ड और अपराधियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक पर कई किलो वजनी लोहे का ढांचा मिलना सामान्य घटना नहीं है। यदि समय रहते इसे नहीं हटाया जाता तो तेज रफ्तार पंजाब मेल गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकती थी, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका थी।


