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Monday, June 15, 2026

लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में जुटें कार्यकर्ता, 2027 का चुनाव निर्णायक: अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लोकतंत्र बचाने का चुनाव होगा। उन्होंने दावा किया कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए जनता और विपक्ष एकजुट नहीं हुआ तो यह प्रदेश का अंतिम स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव साबित हो सकता है।

सोमवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, मतदाता सूची पर विशेष नजर रखने तथा जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं को उजागर करने का आह्वान किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और 2027 में भाजपा का सत्ता से बाहर जाना तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। किसानों को खाद, बीज और बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जबकि बढ़ती लागत ने खेती को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं में निराशा बढ़ी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भाजपा इसी कारण घबराई हुई है और पीडीए के खिलाफ साजिशें कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण और सामाजिक न्याय पर लगातार हमला किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था को विफल बताते हुए कहा कि हत्या, लूट और महिला अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी सरकार ने प्रदेश को एक्सप्रेस-वे, आईटी सिटी, स्टेडियम और आधुनिक आधारभूत ढांचे की सौगात दी थी, जबकि भाजपा सरकार दो कार्यकाल में विकास की दिशा में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं कर सकी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयमित भाषा और शिष्ट व्यवहार के साथ जनता के बीच जाने तथा संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी, सांसद धर्मेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, सांसद आदित्य यादव सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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