लखनऊ। प्रदेश के विकास मॉडल की एक अनोखी तस्वीर सोमवार को तब देखने को मिली जब जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान पहली बार हवाई जहाज में बैठकर राजधानी लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद किया। जिन किसानों की जमीन पर कभी फसलें लहलहाती थीं, आज उसी धरती से उड़ान भरते विमानों ने उनके सपनों को नई ऊंचाई दे दी है।
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान किसानों ने कानून-व्यवस्था, विकास और रोजगार के अवसरों में आए बदलाव का खुलकर जिक्र किया। किसानों ने कहा कि जेवर क्षेत्र की पहचान अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स ने इसे देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल कर दिया है। कई किसानों ने कहा कि पहले जहां शिक्षा, रोजगार और आवागमन की सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं।
संवाद के दौरान कई किसान भावुक भी नजर आए। किसी ने पहली हवाई यात्रा का अनुभव साझा किया तो किसी ने कानून-व्यवस्था में आए बदलाव को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। किसान परिवारों की बेटियों ने भी शिक्षा और करियर के क्षेत्र में मिले नए अवसरों का श्रेय क्षेत्र में हुए विकास को दिया।
किसानों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया और कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नई पहचान और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की आधारशिला है। राजधानी में हुआ यह संवाद विकास, विश्वास और बदलते उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।


