फर्रुखाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच फतेहगढ़ कचहरी परिसर का पुरुष सार्वजनिक शौचालय प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल रहा है। एसडीएम कार्यालय के सामने स्थित यह शौचालय महीनों से सफाई के अभाव में बदहाल पड़ा है, जिससे अधिवक्ताओं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि शौचालय की नियमित सफाई नहीं होने के कारण वहां से उठने वाली दुर्गंध पूरे परिसर में फैल रही है। सबसे अधिक समस्या उन अधिवक्ताओं को हो रही है जिनके चेंबर शौचालय के पास स्थित हैं। उनका कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण बैठना तक मुश्किल हो गया है तथा स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन और प्रार्थना पत्र सौंपे गए। प्रशासन की ओर से सफाई कर्मचारी नियुक्त करने और नियमित सफाई कराने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। उनका कहना है कि कई महीनों से शौचालय की ठीक ढंग से सफाई तक नहीं हुई है।
हैरानी की बात यह है कि परिसर में बने पिंक महिला शौचालय की नियमित साफ-सफाई हो रही है, जबकि पुरुष शौचालय पूरी तरह उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। नतीजा यह है कि कचहरी आने वाले अधिवक्ता और आम लोग शौचालय का उपयोग करने से बच रहे हैं और वैकल्पिक स्थान तलाशने को मजबूर हैं।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन से तत्काल सफाई कर्मचारी की नियुक्ति और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गंदगी और दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन स्वच्छता के अपने दावों को जमीन पर उतारेगा या कचहरी परिसर यूं ही बदबू और अव्यवस्था का शिकार बना रहेगा।


