फर्रुखाबाद। जनपद में आगामी मोहर्रम, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं तथा 4 अगस्त को होने वाले चहलुम कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश पूरे जनपद में लागू रहेगा और 6 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि साम्प्रदायिक सौहार्द, जनशांति और लोकहित को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक समझी गई है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने तथा त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।
आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर झगड़ा, हुड़दंग या शांति भंग करने वाली गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। बिना अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, सभा, जुलूस या धरना-प्रदर्शन आयोजित करने पर रोक लगाई गई है। हालांकि शादी-विवाह और अंतिम संस्कार जैसे पारंपरिक कार्यक्रम इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
प्रशासन ने हथियारों के प्रदर्शन और विस्फोटक सामग्री के साथ सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने पर भी प्रतिबंध लगाया है। धार्मिक परंपराओं के तहत तलवार, कृपाण आदि धारण करने वाले व्यक्तियों को छूट दी गई है, लेकिन किसी भी प्रकार के घातक हथियार के सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भड़काऊ, आपत्तिजनक अथवा सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली टिप्पणियों के प्रसारण पर भी रोक लगाई गई है। आदेश में चेतावनी दी गई है कि किसी भी समुदाय, धर्म या वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।


