फर्रुखाबाद। पांचाल घाट स्थित पावन गंगा तट पर रविवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब स्नान के दौरान गहरे पानी में फंसे एक युवक को दो नाबालिग बच्चों ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों के साहसिक प्रयास से युवक की जान बच गई और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही पांचाल घाट चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जानकारी ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमालगंज के इंद्रा नगर निवासी रोहन (21) पुत्र संजय अपने साथी मनोज के साथ गंगा जल भरने के लिए पांचाल घाट पहुंचे थे। जल भरने के बाद दोनों युवक दूसरे कुएं के पास गंगा में स्नान करने लगे। इसी दौरान रोहन अनजाने में गहरे पानी की ओर बढ़ गया और तेज बहाव तथा अधिक गहराई के कारण वह डूबने लगा। युवक को पानी में हाथ-पैर मारते और मदद के लिए संघर्ष करते देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
इसी बीच वहां मौजूद दो बच्चों शहनवाज (13 वर्ष) पुत्र सदाकत अली और गुलाब (12 वर्ष) पुत्र आजाद ने बिना किसी भय के साहस का परिचय दिया। दोनों बच्चों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए डूब रहे युवक तक पहुंचने का प्रयास किया और स्थानीय लोगों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस प्रयास के कारण युवक की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पांचाल घाट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने युवक की हालत सामान्य होने पर राहत व्यक्त की। वहीं, घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने दोनों बच्चों के साहस और मानवता की भावना की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि इतनी कम उम्र में जिस तरह दोनों बच्चों ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक युवक का जीवन बचाया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बहादुरी का परिचय देने वाले शहनवाज और गुलाब को सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य बच्चों और युवाओं को भी ऐसे नेक कार्यों के लिए प्रेरणा मिल सके।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में पांचाल घाट और गंगा तट के विभिन्न क्षेत्रों में डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद श्रद्धालु और स्नान करने वाले लोग चेतावनियों के बावजूद गहरे पानी में जाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने घाटों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम, चेतावनी बोर्ड लगाने, गोताखोरों की तैनाती और नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
गंगा में डूब रहे युवक को दो मासूम बच्चों ने बचाया, साहस और सूझबूझ से टला बड़ा हादसा


