लखनऊ। राजधानी के चिनहट क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने सफाई व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। फल मंडी के पास सीवर की सफाई के दौरान सफाईकर्मी लालाराम की सीवर में फंसने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सफाईकर्मी को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना सीवर में उतारा गया था। सफाई के दौरान वह सीवर के भीतर फंस गया और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
हादसे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कार्यदायी संस्था शोभा इंटरप्राइजेज के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग और बिना सुरक्षा मानकों के सीवर सफाई पर प्रतिबंध है, तब भी श्रमिकों को जान जोखिम में डालकर सीवर में क्यों उतारा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीवर सफाई के दौरान गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होते हैं, लेकिन अक्सर इन नियमों की अनदेखी की जाती है।
यूथ इंडिया की पड़ताल में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कितने लालाराम अपनी जान गंवाएंगे, तब जाकर सीवर सफाई के सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा?


