– नए मेडिकल कॉलेज और जेलों को मंजूरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य, न्यायिक व्यवस्था, नगरीय विकास और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों किसानों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, यात्रियों और निवेशकों पर पड़ने वाला है।
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मक्का खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। किसानों से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का खरीदा जाएगा। खरीद प्रक्रिया 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी।
फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, आगरा, एटा, मैनपुरी, शाहजहांपुर, बलिया, बहराइच समेत 25 जिलों में खरीद केंद्र खोले जाएंगे। प्रदेश में 150 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों के खाते में खरीद का भुगतान आधार लिंक्ड बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर करने का दावा किया गया है।
कैबिनेट ने प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों में 1725 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी है। यह बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर निजी कंपनियों द्वारा संचालित की जाएंगी।
लखनऊ, कानपुर, आगरा, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, नोएडा, मथुरा, बरेली सहित 18 शहरों को इसका लाभ मिलेगा।
सरकार का दावा है कि इससे प्रदूषण कम होगा, यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।
करीब डेढ़ दशक बाद राज्य सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनर फीस और प्रति सुनवाई शुल्क में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता की मासिक फीस 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये कर दी गई है, जबकि प्रति सुनवाई फीस 1650 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है।
महाधिवक्ता की मासिक रिटेनर फीस 75 हजार से बढ़कर 1.25 लाख रुपये हो गई है, जबकि सुनवाई फीस 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।
कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल पांडुनगर, कानपुर को सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज में शुरुआत में 50 एमबीबीएस सीटें होंगी, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 100 किया जाएगा।
इस परियोजना से सैकड़ों डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज विकास प्राधिकरणों को प्रथम किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है।
सरकार का उद्देश्य नए नियोजित शहर विकसित करना और बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट ने मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया, कानपुर नगर और भदोही में नई जिला जेलों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
इन जेलों के निर्माण पर कुल मिलाकर 1400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। नई जेलों के बनने से वर्तमान जेलों पर बढ़ता दबाव कम होगा।
प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को शीघ्र मुआवजा देने के लिए नई “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” को मंजूरी दी गई है।
सरकार का दावा है कि इससे मानवाधिकार संरक्षण और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे बड़े निवेश आकर्षित होंगे और प्रदेश देश के सेमीकंडक्टर निर्माण हब के रूप में उभर सकेगा।
झांसी में पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से गो-आश्रय स्थल, पशु चिकित्सालय और गोवंश संरक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बुंदेलखंड क्षेत्र में निराश्रित गोवंश की समस्या से निपटने के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट के फैसलों में फर्रुखाबाद के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत मक्का खरीद नीति रही। जिले को मक्का खरीद वाले प्रमुख जिलों की सूची में शामिल किया गया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।


