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Wednesday, June 3, 2026

गंभीर शासन, शिया सेंन्ट्रल वफ्फ बोर्ड ने जिले की वफ्फ संपत्तियों का लिया संज्ञान हटाए गए दागी मुतबल्ली, जमशेद अव्वास करोड़ों की संपत्तियों की होगी बेदखली, रिजवान बने नये मुतबल्ली

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=मनी लॉन्डिग मेें घिर चुके है पूर्व में जमशेद अव्वास और अथर अव्वास
=शाजिद इकवाल गैंग में भी पुराना नाता
=शातिर राजू टुन्डे के साथी
=सरकार के हस्तक्षेप के बाद सीबीआई और ईडी अलर्ट, मंत्री दया शंकर सिंह ने लिखा डीजीपी को पत्र यूथ इंडिया। लखनऊ/फर्रूखाबाद
वफ्फ संपत्ति बेंचने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे मुतबल्ली बने शमसाबाद के जमशेद अव्वास जिनकी तौलियत अवधि भी समाप्त हो चुकी थी उन्हें उत्तर प्रदेश शिया सेन्ट्रल वफ्फ बोर्ड के न्यायधीकरण द्वारा विपरीत एवं वफ्फ के विरूद्व काम किये जाने व वफ्फ संपत्ति को भारी क्षति पहुंचने की आशंका के चलते तत्काल प्रभाव से हटाते हुए शमसाबाद के मोहल्ला गोदास निवासी मोहम्मद रिजवान पुत्र गुलाम मेंहदी को नया मुतबल्ली नियुक्त किया है। आदेश की कॉपी जिलाधिकारी फर्रूखाबाद व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी दी गई है। उधर मामले को गंभीरता से देखते हुए सांसद मुकेश राजपूत व अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्रों का अवलोकन करते हुए राज्य के मंत्री दया शंकर सिंह ने पु़लिस महा निदेशक को पत्र लिखा है कि शातिर गैंग के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाये।
पूर्व में जमशेद अव्वास व अथर अव्वास मनी लॉन्डिग में भी फंस चुके है। इसके अलावा इस पूरे गैंग ने जनपद फर्रूखाबाद की करोडों रूपये कीमती संपत्तियों को खुर्द बुर्द किया है। साथ ही अन्य जनपदों में वफ्फ संपत्तियों को छति पहुंचाई है। बोर्ड और शासन के टेडे रूख के बाद मामले को सीबीआई और ईडी भी खंगालने लगी है।
वरिष्ठ पत्रकार और क्षत्रिय नेता राघवेन्द्र सिंह राजू ने अव्वास गैंग की शिकायत की थी। सांसद मुकेश राजपूत, विधायक सुशील शाक्य, पूर्व पालिकाध्यक्ष शमसाबाद ने भी बोर्ड के मुख्य कार्यपालक को पत्र लिखा था। इसके अलावा पता चला है कि शहर कोतवाली क्षेत्र में स्थापित वफ्फ संपत्ति धर्मशाला जिसे जूता व्यवसायी भोले सहित अभय कुमार सक्सेना एवं कई वकीलों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा लिया है। इससे पूर्व अव्वास गैंग कोल्ड स्वामी भगवानदास रस्तोगी से भी करोडों की रंगदारी मांगी थी। जिसमें दर्ज मुकदमें के बाद पुलिस ने मोटी रकम डकार मामले में लीपापोती कर दी थी। इस मामले में सीजेएम न्यायालय में अभी एफआर स्वीकृत नही की गई। मामला उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद अब पता लगा है कि सीबीआई ने भी कागज खंगालने शुरू कर दिए है और गैंग के सदस्यों की पडताल भी की जाने लगी है।
जिलाधिकारी डा० अंकुर लाठर ने बोर्ड के हुए फैसले के बाद गहन जांच के आदेश भी किये है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दया शंकर सिंह ने मामले में कडा रूख अख्तियार किया है। वहीं शहर की तमाम बेशकीमती वफ्फ की संपत्तियों जो कुछ भाजपा के नेताओं नें भी कब्जा कीं है उन पर भी कार्यवाही होनी तय मानी जा रही।

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