लखनऊ। स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों में लगाए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज के विरोध में सोमवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन हुआ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और जनवादी महिला समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एक तरफ महंगाई लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर और फ्यूल सरचार्ज के नाम पर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि बिजली बिल पहले ही आम परिवारों का बजट बिगाड़ रहे हैं, ऐसे में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज जनता की जेब पर सीधा हमला है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, जिसकी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
हालांकि प्रदर्शनकारियों के एमडी कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए महिलाओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
प्रदेश में जून माह से लागू हुए 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को लेकर पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं, जबकि विभिन्न सामाजिक और उपभोक्ता संगठन भी इसका विरोध कर रहे हैं। अब महिला संगठनों के सड़क पर उतरने से यह मुद्दा और व्यापक होता दिखाई दे रहा है।


