अलीगढ़। जनपद से किसानों की बदहाली की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने कृषि व्यवस्था और बाजार तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलू की गिरती कीमतों से परेशान किसानों ने करीब 150 बोरा आलू खेत में ही नष्ट कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामला अकराबाद थाना क्षेत्र के भिलावटी गांव का बताया जा रहा है, जहां किसानों का कहना है कि मंडियों में आलू का भाव इतना गिर गया है कि बिक्री से मिलने वाली रकम परिवहन और मजदूरी का खर्च भी नहीं निकाल पा रही है। ऐसे में फसल को बाजार तक ले जाना भी घाटे का सौदा बन गया है।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने कर्ज लेकर बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च किया, लेकिन जब फसल तैयार हुई तो बाजार में कीमतें धराशायी हो गईं। हालात यह हैं कि आलू का मूल्य कई जगह भाड़े और लोडिंग-अनलोडिंग खर्च से भी कम मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार किसानों ने मजबूरी में लगभग 150 बोरा आलू खेत में ही फेंक दिया। वायरल वीडियो में बड़ी मात्रा में आलू बर्बाद होते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य किसानों की आर्थिक पीड़ा और कृषि संकट की गंभीर तस्वीर पेश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन बढ़ने, भंडारण की सीमित व्यवस्था और बाजार में मांग कम होने के कारण आलू की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान छोटे और मध्यम किसानों को उठाना पड़ रहा है, जिनके पास लंबे समय तक फसल रोककर रखने की सुविधा नहीं होती।


