– नीरव मोदी और माल्या मामलों की जांच से जुड़े रहे
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस ) ले ली है। वर्ष 2004 बैच के आईआरएस अधिकारी सत्यब्रत कुमार वित्तीय अपराधों और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच के लिए जाने जाते रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सत्यब्रत कुमार ने भारतीय राजस्व सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है। वह उन अधिकारियों में शामिल रहे हैं जिन्होंने देश के चर्चित आर्थिक अपराध मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई थी।
सत्यब्रत कुमार का नाम विशेष रूप से भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी और विजय मॉल्या से जुड़े मामलों की जांच के दौरान चर्चा में आया था। इन मामलों में ईडी द्वारा की गई कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रही थी।
जानकारी के मुताबिक, लगभग एक वर्ष पूर्व उन्हें ईडी से वापस उनके मूल विभाग में बुला लिया गया था। इसके बाद उनकी तैनाती पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र में रही। अब वीआरएस लेने के फैसले के बाद प्रशासनिक और राजस्व सेवा के गलियारों में इस कदम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, उनके वीआरएस लेने के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। सरकारी स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति आवेदन को स्वीकार किए जाने के बाद यह निर्णय प्रभावी हुआ है।
सत्यब्रत कुमार को वित्तीय जांच, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की पड़ताल और जटिल आर्थिक अपराधों की जांच में अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता रहा है। ऐसे में उनकी सेवा से विदाई को प्रवर्तन और राजस्व प्रशासन से जुड़े हलकों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।


