नई दिल्ली। कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर छोटे व्यापारियों, रेस्तरां संचालकों, होटल उद्योग और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हालिया संशोधन में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपये की वृद्धि की गई है। पार्टी का दावा है कि पिछले पांच महीनों के दौरान कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल 1,572 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कारोबारियों की लागत लगातार बढ़ रही है।
कांग्रेस का कहना है कि महंगे गैस सिलेंडर का असर केवल व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई से आम जनता और छोटे व्यवसायी दोनों दबाव में हैं।
वहीं सरकार का पक्ष यह रहा है कि एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों, आयात लागत तथा अन्य आर्थिक कारकों के आधार पर तय होती हैं। सरकार समय-समय पर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विभिन्न कदम उठाने की बात भी कहती रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और ईंधन की कीमतें हमेशा से राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा रही हैं। ऐसे में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होना स्वाभाविक है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि महंगाई का प्रश्न सीधे तौर पर आम लोगों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।


