– महीना’ के दम पर चल रहा मानक विहीन अस्पताल लोगों की जिंदगी से खुला खिलवाड़
फर्रुखाबाद। मसेनी चौराहे के पास संचालित कृष्णा हॉस्पिटल की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही । गरीब गर्भवती महिलाओं को डराकर जबरन ऑपरेशन कराने, मोटी रकम वसूलने और नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल संचालन के आरोपों के बीच अब अस्पताल संचालक सुरेंद्र कुशवाहा का बयान स्वास्थ्य विभाग का मखौल बना रहा ।
यूथ इंडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद अपने व्यान में अस्पताल संचालक द्वारा तौर पर कहा गया कि जब हर महीने स्वास्थ्य विभाग को महीना पहुंचता है तो कार्रवाई कैसे होगी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पास लेन-देन के भरपूर साक्ष्य होने की बात भी कही। इस बयान के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कृष्णा हॉस्पिटल लंबे समय से गरीब और मजबूर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में आए दिन मरीजों की मौतें होने की चर्चाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। आरोप है कि हर घटना के बाद मामला दबा दिया जाता है और जिम्मेदार अधिकारी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं।
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के तय मानकों का खुला उल्लंघन हो रहा है। आरोप है कि अस्पताल में न पर्याप्त प्रशिक्षित डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं, न जरूरी चिकित्सा उपकरण, न ही इमरजेंसी सुविधाएं पूरी हैं। अस्पताल परिसर में गंदगी, अव्यवस्था और असुरक्षित माहौल होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसके बावजूद अस्पताल का संचालन धड़ल्ले से जारी है।लोगों का कहना है कि सामान्य डिलीवरी के मामलों को भी डर और दहशत का माहौल बनाकर ऑपरेशन में बदला जाता है। परिजनों को बताया जाता है कि “मां और बच्चे की जान खतरे में है”, जिससे गरीब परिवार घबराकर तुरंत ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद इलाज के नाम पर भारी रकम वसूली जाती है।
अस्पताल पर नियम विरुद्ध गर्भपात कराने और अनुभवहीन कर्मचारियों से इलाज कराने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल के बाहर बड़े-बड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम लिखे हैं, लेकिन मौके पर वे डॉक्टर शायद ही कभी दिखाई देते हैं। मरीजों का इलाज अधिकतर अनुभवहीन और कथित झोलाछाप लोगों के भरोसे कराया जाता है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
अब अस्पताल संचालक के “महीना” वाले बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि यदि इस कथित भ्रष्टाचार के साक्ष्य सामने आते हैं तो यह केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर बड़ा सवाल होगा।जिले के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री और शासन स्तर के अधिकारियों से मांग की है कि अस्पताल की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले का खुलासा किया जाए। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील किए जाने की भी मांग उठाई है।इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनीन्द्र कुमार ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।


