नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के न्यू राजेंद्र नगर (New Rajendra Nagar) इलाके में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पुराने मकान से तेज बदबू आने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो घर के भीतर दो बुजुर्ग महिलाओं के शव संदिग्ध हालत में पड़े मिले। मृतकों की पहचान 80 वर्षीय चंद्रकांता और उनकी ननद सरोज बाला के रूप में हुई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे बरामदे की सफाई करने वाली घरेलू कामवाली से सूचना मिली। उसने पुलिस को बताया कि घर के सभी दरवाजे बंद थे और अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कमरे में चंद्रकांता (80) और सरोज बाला (80) नाम की दो महिलाओं को मृत पाया। एक महिला का शव पलंग पर था, जबकि दूसरी का शव फर्श पर पड़ा था। मौके पर पहुंची सीएटी एम्बुलेंस टीम ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि घर एक मंजिला है और इसमें चार प्रवेश द्वार हैं। विस्तृत जांच में जबरन प्रवेश, चोरी, तोड़फोड़ या किसी प्रकार की गड़बड़ी के कोई संकेत नहीं मिले।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं वर्षों से न्यू राजेंद्र नगर स्थित करीब 200 वर्गमीटर के पुराने एक मंजिला मकान में साथ रह रही थीं। सरोज बाला अविवाहित थीं, जबकि चंद्रकांता उनके दिवंगत भाई की पत्नी थीं। दोनों की देखभाल के लिए दो घरेलू सहायिकाएं नियुक्त थीं, जो सुबह-शाम खाना और साफ-सफाई का काम करती थीं।
स्थानीय पूछताछ में पता चला कि दोनों महिलाएं लंबे समय से एक ही घर में साथ रह रही थीं। सरोज बाला अविवाहित थीं, जबकि चंद्रकांता उनकी भाभी थीं। अपराध जांच दल और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोनों शवों को बीएनएसएस की धारा 194 के तहत पोस्टमार्टम के लिए आरएमएल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही क्राइम टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और कई नमूने एकत्र किए। पुलिस रिश्तेदारों, घरेलू सहायिकाओं और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन मामले की हर एंगल से जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।


