लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार होना चाहिए, ताकि आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि तीन महीने से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं किसी भी अस्पताल में नहीं रखी जाएं। ऐसी दवाओं की जगह नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस समय 108 जनपदीय चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं, जबकि 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित डॉक्टर, विशेषज्ञ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2016-17 की तुलना में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800 और पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 तक पहुंच गई हैं।
बैठक में आयुष्मान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों के भुगतान और क्लेम का निस्तारण तय समय सीमा में किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आशा वर्करों के लंबित भुगतान को तुरंत जारी करने, कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के समायोजन और हेल्थ एटीएम सेवाओं के विस्तार के भी निर्देश दिए। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जनजागरूकता और समयबद्ध उपचार से बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 75 जिलों में डायलिसिस और 74 जिलों में सीटी स्कैन सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं 227 सीएचसी पर टेली-रेडियोलॉजी सेवा संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और आपातकालीन सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के बहुमंजिला गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज के 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग विस्तार सहित कई परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई।


