चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को हरियाणा सरकार ने एक बार फिर 30 दिनों की पैरोल मंजूर कर दी है। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से भारी पुलिस सुरक्षा के बीच बाहर निकला। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में उसे सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया।
बताया जा रहा है कि यह राम रहीम की 16वीं पैरोल या फरलो है। इससे पहले जनवरी 2026 में उसे 40 दिनों की पैरोल मिली थी, जिसके दौरान वह सिरसा स्थित आश्रम में रहा था। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस सुनारिया जेल भेज दिया गया था।
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम सिंह वर्ष 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। उसे दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा पत्रकार राम चन्दर छत्रपति हत्याकांड में भी उसे उम्रकैद की सजा मिली हुई है। हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उसे पत्रकार हत्या मामले में राहत मिलने की भी चर्चा रही।
राम रहीम को लगातार पैरोल और फरलो दिए जाने को लेकर हरियाणा सरकार पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार उस पर विशेष मेहरबानी कर रही है। हालांकि सरकार की ओर से हर बार कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जाता रहा है।
डेरा सच्चा सौदा के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के कई राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। यही वजह है कि राम रहीम की पैरोल को लेकर हर बार राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो जाती हैं। साल 2020 से मई 2026 तक उसे कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है, जिनकी कुल संख्या अब 16 तक पहुंच गई है।


