यूथ इंडिया | मथुरा
मथुरा और वृंदावन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर ने लाखों श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया है। देशभर में अपने प्रवचनों और रात्रि पदयात्राओं के लिए प्रसिद्ध प्रेमानंद जी महाराज की रात्रि पदयात्रा 17 मई से बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि लगातार बिगड़ती तबीयत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते यह फैसला लिया गया है।
संत प्रेमानंद जी की पदयात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बन चुकी थी। रोज रात को हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनकी एक झलक पाने और उनके साथ पदयात्रा में शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंचते थे। ऐसे में अचानक पदयात्रा बंद होने की खबर से भक्तों में मायूसी फैल गई।
रात्रि पदयात्रा बंद होने के बाद प्रेमानंद जी महाराज ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया, जिसने भक्तों को भावुक कर दिया। वीडियो में उन्होंने बेहद शांत और आत्मीय अंदाज में कहा”बिलकुल चिंता नहीं करनी है। मैं मिलूं न मिलूं, बोलूं न बोलूं, आऊं न आऊं… बिना बोले तुम्हारे दिमाग में होंगे, देख लेना।”
उनके इस संदेश को भक्त आध्यात्मिक जुड़ाव और भावनात्मक आश्वासन के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ समय से संत प्रेमानंद जी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। लगातार प्रवचन, यात्राएं और भक्तों से मुलाकातों के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। इसी के चलते फिलहाल सार्वजनिक कार्यक्रमों और विशेष रूप से रात्रि पदयात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया।
हालांकि उनके करीबी लोगों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और भक्तों को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन संत के अचानक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने के कारण उनके अनुयायियों में चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।
प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों लोग सुनते हैं। युवाओं के बीच भी उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। उनकी सादगी, सहज भाषा और भक्ति के संदेश ने उन्हें देश के चर्चित संतों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
उनकी रात्रि पदयात्रा वृंदावन की पहचान बन चुकी थी, जिसमें आम श्रद्धालुओं से लेकर कई बड़े उद्योगपति, अभिनेता और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल होती रही हैं।
पदयात्रा बंद होने और भावुक संदेश सामने आने के बाद देशभर में उनके अनुयायी पूजा-पाठ और प्रार्थनाएं कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर “जल्द स्वस्थ हों गुरुदेव” जैसे संदेश लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। वृंदावन में भी आश्रम के बाहर भक्तों की आवाजाही बनी हुई है और लोग उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।


