कायमगंज/फर्रुखाबाद। कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के गांव गऊटोला में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से मौत का मामला सामने आया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुमन देवी की शादी जनपद कासगंज के ग्राम नगला चक, पोस्ट चिरोल में हुई थी, लेकिन वह बीते कुछ समय से भरण-पोषण के लिए जयपुर में रह रही थीं। उनके साथ उनकी नाबालिग बेटी भी रहती थी। इसी बीच सामने आया कि सुमन देवी करीब चार वर्षों से ओमप्रकाश मेहरा (निवासी अलवर, हाल निवास शिव कॉलोनी, झाग बस स्टैंड) के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थीं।
बताया गया कि खेलते समय बच्ची के गले में चुन्नी का फंदा लग गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना बगरू थाना पुलिस को दी गई, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद सुमन देवी अपनी पुत्री के शव को ओमप्रकाश के साथ कायमगंज स्थित अपने मायके लेकर पहुंचीं।
रविवार को जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को बूढ़ी गंगा घाट पर लेकर पहुंचे, तभी मृतका के पिता मनोज (निवासी नगला चक, कासगंज) और उनकी दूसरी पत्नी का पुत्र भी वहां पहुंच गया। इसी दौरान डायल 112 पर शव मिलने की सूचना दी गई, जिससे मौके पर पुलिस सक्रिय हो गई।
सूचना पर प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूरी जानकारी ली। मृतका की मां द्वारा थाना बगरू में दर्ज कराई गई एनसीआर और पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्दगी से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को दिखाए गए।
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया और अपनी निगरानी में बच्ची का अंतिम संस्कार कराया। फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है।
संदिग्ध हालात में नाबालिग की फांसी से मौत, पुलिस की मौजूदगी में कराया गया अंतिम संस्कार


