उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी के बीच रेल यात्रियों को घंटों देरी और खराब सुविधाओं का सामना
उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बीच रेल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी और आरक्षित बोगियों में एसी कूलिंग के ठप होने से यात्रियों का सफर बेहद कठिन हो गया है। तपती बोगियों और उमस भरे माहौल में लोग पसीने से तरबतर होकर यात्रा करने को मजबूर हैं, जबकि कई ट्रेनों में घंटों की देरी से यात्रियों का धैर्य जवाब दे रहा है।
ताजा मामला ट्रेन संख्या 14009 चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस का है, जो अपने निर्धारित समय से करीब सात घंटे देरी से रवाना हुई। इस दौरान यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर भीषण गर्मी में लंबा इंतजार करना पड़ा। कई अन्य ट्रेनों में भी देरी देखने को मिली, जिनमें 05634 स्पेशल ट्रेन करीब छह घंटे और 15621 कामाख्या–आनंद विहार एक्सप्रेस सात घंटे तक लेट रही। इस वजह से पूरे रूट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी बीच कई ट्रेनों में एसी कूलिंग फेल होने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे सफर और अधिक कष्टदायक हो गया है। 15017 काशी एक्सप्रेस में सफाई की कमी और 01080 गोरखपुर–मुंबई स्पेशल की थर्ड एसी बोगी में पूरी यात्रा के दौरान एसी बंद रहने की शिकायत ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भीषण गर्मी का असर सिर्फ ट्रेनों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशभर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। बांदा में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि उमस और गर्म हवाओं के कारण रातों में भी राहत नहीं मिल रही। मौसम विभाग के अनुसार पुरवाई हवाओं और बढ़ती नमी के कारण हीट इंडेक्स बढ़ गया है, जिससे वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है और इसका सीधा असर यात्रियों की सेहत और रेल सेवाओं पर पड़ रहा है।


