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Tuesday, May 19, 2026

टैक्स नियमों में बढ़ी सख्ती से व्यापारियों की बढ़ी चिंता, सेमिनार में विशेषज्ञों ने बताए जीएसटी और इनकम टैक्स से बचाव के उपाय

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आगरा
इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन की ओर से सोमवार को अतिथिवन वाटरवर्क्स में टैक्स सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारियों और उद्योग से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को जीएसटी और आयकर से जुड़े नए नियमों, बढ़ती सख्ती और नोटिस से बचने के उपायों की जानकारी देना रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते टैक्स सिस्टम और डिजिटल निगरानी के दौर में छोटी सी लापरवाही भी व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।

सेमिनार में टैक्स विशेषज्ञ Nikhil Gupta ने जीएसटी के नए प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से ई-इनवॉइसिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी मिलान की प्रक्रिया काफी सख्त कर दी गई है। ऐसे में व्यापारियों को अपने दस्तावेज और लेनदेन पूरी तरह अपडेट रखने होंगे। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करते समय प्री-डिपॉजिट और तय समय सीमा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही फर्जी आईटीसी और बिना ई-वे बिल के माल परिवहन से बचने की सलाह दी गई, क्योंकि इन मामलों में विभाग तेजी से कार्रवाई कर रहा है।

सीए निखिल गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले का हवाला देते हुए कहा कि केवल तकनीकी खामियों के आधार पर वास्तविक व्यापारियों का आईटीसी नहीं रोका जा सकता। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि दस्तावेजों की कमी या लेनदेन में गड़बड़ी मिलने पर व्यापारी जांच के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने व्यापारियों से नियमित ऑडिट, समय पर रिटर्न दाखिल करने और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अपील की। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में जीएसटी विभाग की निगरानी और अधिक सख्त हो सकती है।

आयकर विशेषज्ञ Arvind Agrawal ने कहा कि डिजिटल भुगतान और बैंकिंग लेनदेन की निगरानी बढ़ने से छोटे व्यापारियों और फर्मों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने बताया कि टीडीएस और टीसीएस नियमों में सख्ती के कारण छोटी-छोटी त्रुटियों पर भी आयकर विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों के लिए अपने खातों और रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और समय पर अनुपालन ही भविष्य में कानूनी परेशानियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

कार्यक्रम के संयोजक अमित मित्तल ने व्यापारियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें नए टैक्स नियमों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। वहीं एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल गोयल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुकेश जैन, मनोज अग्रवाल, नितिन गर्ग, मनोज गर्ग, दीपेंद्र बंसल, सुलभ गर्ग, अमित जैन, अतुल गुप्ता और संजय सहित कई व्यापारी एवं उद्योगपति मौजूद रहे। सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में टैक्स प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और निगरानी आधारित होने जा रही है, इसलिए व्यापारियों को समय रहते अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना होगा।

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