– चर्चित तेल माफिया पवन पंकज कटियार पर कार्रवाई तेज, फर्जी बायोडीजल पंप से जुड़े मामले में गरमाई जांच
– सैंपल फेल होने के बाद भी सेटिंग के बलबूते पूर्व में दबाई गई है डीएम कार्यालय में पत्रावली
लखनऊ /फर्रुखाबाद। जिले में चर्चित फर्जी बायोडीजल और नकली पेट्रोल-डीजल कारोबार को लेकर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक भूचाल आता दिखाई दे रहा है। रोशनाबाद क्षेत्र स्थित कथित फर्जी बायोडीजल पंप से जुड़े मामले में शासन स्तर पर संज्ञान लिए जाने के बाद जिला प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। मामले में चर्चित कारोबारी पवन पंकज कटियार और उसके नेटवर्क पर शिकंजा कसने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार पूर्व में जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी की टीम ने रोशनाबाद स्थित बायोडीजल पंप पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कथित रूप से अवैध तरीके से नकली डीजल और पेट्रोल बेचे जाने का मामला सामने आया था। जांच के दौरान लिए गए नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था, जहां से सैंपल फेल होने की बात सामने आई। उससे पूर्व पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
बताया जा रहा है कि पवन पंकज कटियार पुत्र भानु प्रताप निवासी राजीव गांधी नगर, अपने भाई और करीबी रिश्तेदार चंदू के साथ कथित तौर पर तेल के काले कारोबार से जुड़ा रहा है। कि अवैध कमाई के जरिए शहर में जमीनों के बड़े कारोबार खड़े किए गए और कथित माफिया नेटवर्क के साथ मिलकर संपत्तियों का विस्तार किया गया।
सूत्रों की मानें तो शासन तक पहुंची शिकायतों में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि इस पूरे नेटवर्क को जिले के कुछ राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त रहा है। चर्चाएं हैं कि भाजपा से जुड़े कुछ तथाकथित सफेदपोश नेताओं की भूमिका को लेकर भी गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है और संबंधित विभागों को जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन अब पुराने मुकदमों, प्रयोगशाला रिपोर्ट और वित्तीय गतिविधियों की भी समीक्षा कर सकता है।


