मोहम्मदाबाद कस्बे के शास्त्री नगर (कैथन नगला) स्थित मस्जिद वाली गली में जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गली में लंबे समय से नाली का गंदा पानी भरा रहने के कारण लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गली में फैली गंदगी और बदबू के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासी हस्मती बेगम ने बताया कि गली में जमा गंदे पानी की वजह से बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी यूनिफॉर्म गंदी हो जाती है और चोट लगने का भी खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मोहल्ला निवासी फिरोज ने बताया कि नगर पंचायत की पानी सप्लाई आने के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। पानी का दबाव बढ़ने से नाली का गंदा पानी पूरी गली में फैल जाता है और सड़क किसी गंदे नाले जैसी दिखाई देने लगती है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में समस्या और विकराल रूप ले लेती है, जिससे पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
मुस्ताक अहमद ने बताया कि गली में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। उनका आरोप है कि नालियों का निर्माण बिना मानकों के किया गया, जिसके कारण पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि मस्जिद जाने वाले नमाजियों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे काफी दिक्कत होती है। वहीं सवा बेगम ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से हालात और अधिक खराब बने हुए हैं तथा शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रामानंद ने बताया कि संबंधित गली के निर्माण का टेंडर पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि नाली निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा और ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही मौके का निरीक्षण कर समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।


