फर्रुखाबाद। कायमगंज स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रांतीय सम्मेलन में समाज की एकता, अखंडता और राजनीतिक जागरूकता पर जोर दिया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने क्षेत्रीय सीमाएं तोड़कर उत्साह के साथ भागीदारी की।
महासभा के अध्यक्ष डीएम कटियार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित और जागरूक होने की आवश्यकता है। पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार नें शिक्षा, सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर बल दिया। और कहा कि ऐसे ही कार्यक्रम भव्यता के साथ आगे भी होते रहेंगे।अजय गंगवार सन्नू बाबू नें सम्मेलन में समाज के युवाओं को आगे आकर नेतृत्व की भूमिका निभानें पर जोर दिया। पूर्व मंत्री डॉ सियाराम गंगवार के पुत्र संजय गंगवार डब्बू डॉ. बीके गंगवार भाजपा नेता अशोक कटियार आलू प्रकरण संघ सभापति विमल कटियार प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुलदीप गंगवार नें भी सम्बोधित किया।
हालांकि कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी गर्म रहीं और कई लोगों ने इसे भारतीय जनता पार्टी समर्थित आयोजन के रूप में देखा। मंच पर भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कटियार, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह गंगवार के पुत्र समाजसेवी अजय गंगवार, सन्नू बाबू, आलू विपणन संघ के सभापति एवं भाजपा नेता विमल कटिहार, भाजपा नेता डॉ. बीके गंगवार तथा कन्नौज के अपना दल नेता मायाकांत कटियार उर्फ लाला पटेल सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कायमगंज विधानसभा से विधायक रह चुके वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप गंगवार के निर्देशन में महासभा के अध्यक्ष डीएम कटिहार को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान समर्थकों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया।
वहीं समाज के वरिष्ठ अधिवक्ता और दो बार जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके जवाहर सिंह गंगवार और स्थानीय विधायक डॉ सुरभि के पति डॉ अजीत गंगवार मंच पर नहीं पहुंचे, जिसे लेकर कार्यक्रम में चर्चा का माहौल बना रहा। बताया गया कि वह कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे लेकिन हाल के बाहर बैठे रहे। इसे लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।
सम्मेलन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने संगठन को मजबूत करने और सामाजिक एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजकों ने दावा किया कि अधिवेशन समाज को नई दिशा देने और युवाओं को सामाजिक नेतृत्व से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।


