– ग्रामीणों ने दो बदमाश दबोचे
– मौके पर पहुंचीं एसपी आरती सिंह बोलीं- “एक भी अपराधी नहीं बचेगा”
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव कुइयां गांधी में शनिवार देर रात डकैती और फायरिंग की सनसनीखेज वारदात से पूरा इलाका दहल उठा। पांच बदमाशों ने आधी रात गांव में ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर फायरिंग की गई, जिसमें एक सरकारी शिक्षक को गोली लग गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए दो बदमाशों को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार प्रा. शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भूपेश पाठक के पैतृक घर में रात करीब ढाई बजे पांच बदमाश घुस आए। घर में मौजूद भानु प्रकाश पाठक, जो सरकारी शिक्षक हैं, और वैभव पाठक जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, पर बदमाशों ने हमला कर दिया। आरोप है कि बदमाश भानु को जबरन उठाकर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वैभव ने शोर मचा दिया, जिसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान भानु प्रकाश पाठक को गोली लग गई, जबकि वैभव पाठक को सरिया से गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए दो बदमाशों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान उमेश पुत्र हरनाम और बलवंत पुत्र अवध बिहारी निवासी बीबीपुर थाना इमलिया, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, नौ कारतूस और एक चाकू बरामद किया है। यह जनपद सीतापुर में हिस्ट्री सीटर भी बताये जा रहे हैं
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बदमाश करीब पांच लाख रुपये नकद, 250 ग्राम चांदी के जेवर, दो तोले की सोने की जंजीरें और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हुए हैं। हालांकि पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और वारदात के हर पहलू को खंगाल रही है।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और पूरे मामले का निरीक्षण किया। एसपी ने मकान के कमरों, टूटी दीवारों और वारदात से जुड़े सभी स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद थाने पहुंचकर हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि बदमाशों ने सबसे पहले गांव निवासी नंदकिशोर के घर पर धावा बोला था और दीवार तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन परिवार के जाग जाने पर वे वहां से भाग निकले। इसके बाद उन्होंने राजेश पाठक के भतीजे के घर को निशाना बनाया, जहां विरोध होने पर फायरिंग शुरू कर दी गई।
एसपी आरती सिंह ने सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि घटना में शामिल एक भी अपराधी नहीं बचेगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं और लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कई थानों की फोर्स लगातार गश्त कर रही है, जबकि ग्रामीणों में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है।


