डीएम डॉ. अंकुर लाठर और एसपी आरती सिंह ने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े दिशा-निर्देश
फर्रुखाबाद। जनपद में आगामी 21 मई 2026 को आयोजित होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा की सुरक्षा, प्रशासनिक और व्यवस्थात्मक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन और पारदर्शी वातावरण में कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर सुबह 7 बजे ट्रेजरी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण से लेकर परीक्षा प्रक्रिया की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र की समस्त गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, पर्स, हैंडबैग, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, प्लास्टिक पाउच एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री पूरी तरह वर्जित रहेगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपना पहचान पत्र अनिवार्य रूप से धारण करेंगे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटो कॉपी की दुकानें, साइबर कैफे और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से संबंधित दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएंगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके।
प्रशासन द्वारा प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम और स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने समय से कैमरे लगाने और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां परीक्षार्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रख सकेंगे। अभ्यर्थियों को केवल नीला या काला पेन, प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा।
जिलाधिकारी ने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा पूर्व अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा कक्ष, शौचालय और अन्य व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी केंद्र व्यवस्थापकों एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापकों से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र लेने और ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय एवं क्लॉक रूम से संबंधित साइनेज स्पष्ट रूप से लगाने तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के बाहर सिटिंग प्लान भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अतिरिक्त रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित करने और वाहनों द्वारा अभ्यर्थियों से किसी प्रकार की ओवरचार्जिंग न करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


