नई दिल्ली । केरल में कई दिनों से चल रही राजनीतिक उठापटक, बैठकों और अंदरूनी खींचतान के बाद आखिरकार कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के 10 दिन बाद कांग्रेस नेतृत्व ने उनके नाम पर मुहर लगाई। दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं दीपदास मुंशी , मुकुल वसनिक और अजय माकन ने संयुक्त रूप से इसकी आधिकारिक घोषणा की।
केरल विधानसभा की 140 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 102 सीटों पर कब्जा किया, जबकि सीपीआईएम नीत एलडीएफ गठबंधन को 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा। एनडीए महज तीन सीटें जीत सका। मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले कई दिनों से कांग्रेस के भीतर गहन मंथन चल रहा था। तिरुवनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक नेताओं की बैठकों और लॉबिंग का दौर जारी रहा। अंततः कांग्रेस हाईकमान ने वीडी सतीशन के नाम पर भरोसा जताया।मुख्यमंत्री नामित होने के बाद वीडी सतीशन ने कहा कि “यह एक नए युग और नए केरल की शुरुआत होगी।” उन्होंने राज्य की खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बदलाव लाने का काम करेगी। सतीशन ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें फोन कर बधाई दी है।कोच्चि जिले से आने वाले 62 वर्षीय वीडी सतीशन पेशे से वकील रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2001 में पहली बार परवूर सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में पहचान बनाई थी। विधानसभा में अपने आक्रामक भाषण और विपक्ष पर तीखे हमलों के चलते वह जल्द ही कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। वर्ष 2021 में कांग्रेस की हार के बाद उन्हें विपक्ष का नेता बनाया गया था, जहां उन्होंने सोना तस्करी, एआई कैमरा विवाद और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तत्कालीन सरकार को लगातार घेरा।मुख्यमंत्री पद की घोषणा से पहले ही सतीशन अपने परिवार के साथ तिरुवनंतपुरम पहुंच गए थे। उनके समर्थकों की भारी भीड़ सरकारी आवास के बाहर जमा रही। अब विपक्ष की राजनीति से निकलकर वह सत्ता की कमान संभालने जा रहे हैं। कांग्रेस के इस फैसले को राज्य में युवा, आक्रामक और नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।


