फर्रुखाबाद। चाचूपुर जटपुरा कांड को लेकर मंगलवार को फर्रुखाबाद में हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा तो पुलिस प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में केवल नामित प्रतिनिधिमंडल को ही गांव में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि जिला कार्यालय से लेकर गांव तक करीब एक घंटे तक तीखी गहमागहमी चलती रही।
सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के कई घंटे बाद तक पीड़ित परिवार की तहरीर तक दर्ज नहीं की गई थी। नेताओं का आरोप था कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी। विवाद बढ़ने के बाद सपा नेताओं ने मौके पर ही पीड़ित परिवार की तहरीर अधिकारियों को दिलवाई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सपा प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि सपा नेताओं ने साफ कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी।
गौरतलब है कि चाचूपुर जटपुरा गांव में युवक का शव मिलने के बाद हालात बेकाबू हो गए थे। ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर भिड़ंत हुई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हुए थे। पथराव और हंगामे के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के बाद से गांव में लगातार पुलिस फोर्स तैनात है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत समेत कई वरिष्ठ नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। पुलिस ने गांव के बाहर बैरिकेडिंग कर दी और नेताओं की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन और सपा नेताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चाचूपुर कांड अब केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्ष इसे सरकार की कानून व्यवस्था पर हमला बताकर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि प्रशासन किसी भी कीमत पर हालात बिगड़ने नहीं देना चाहता।


