मुरादाबाद
समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। रामगंगा विहार स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी उस समय नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए, जब समर्थकों ने उनके सामने 2027 विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद सीट से सलीम अख्तर को टिकट दिलाने की मांग रख दी। बताया गया कि प्रेस वार्ता के बाद भोजन के दौरान कुछ समर्थकों ने टिकट को लेकर पैरवी शुरू कर दी, जिस पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी भड़क गए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि “मैं टिकट दिलाने वाला कौन होता हूं, मुझे पार्टी में आए अभी कितना समय हुआ है।” इसके बाद वह खाना बीच में छोड़कर वहां से निकल गए।
मौके पर मौजूद विधायक नवाब जान, सलीम अख्तर और अन्य नेताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और कार्यक्रम से बाहर चले गए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में सपा की अंदरूनी कलह को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में पार्टी के कई बड़े जनप्रतिनिधि भी मौजूद नहीं थे, जिससे अटकलों को और बल मिला।
इससे पहले आयोजित प्रेस वार्ता में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं हैं और सभी नेता 2027 में पार्टी को सत्ता में लाने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। सिद्दीकी ने घोषणा की कि सपा सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी।
बुलडोजर कार्रवाई पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विरोधियों के घर बुलडोजर चलवाती है, लेकिन “मेरे घर बुलडोजर नहीं चला सकते, क्योंकि चारों तरफ आर्मी के आवास हैं।” उन्होंने चुनाव आयोग पर भी भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि सपा पीडीए के जरिए पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करने में जुटी है।


