मोदी क्या हैं, औरंगजेब भी पंजाब को नहीं झुका पाया : सीएम भगवंत मान
चंडीगढ़। पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रेड के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा घमासान शुरू हो गया। सेक्टर-2 स्थित अरोड़ा के आवास पर सुबह करीब 20 गाड़ियों में ईडी की टीम पहुंची और कई घंटों तक कार्रवाई चली। बताया जा रहा है कि बीते एक महीने में मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ यह दूसरी बड़ी ईडी कार्रवाई है। इससे पहले उनके लुधियाना स्थित ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी।
ईडी की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच सीधा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, इसे कोई झुका नहीं सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों से पहले विपक्ष को डराने के लिए ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार संजीव अरोड़ा के घर ईडी पहुंची है, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के भाईचारे को तोड़ना चाहती है, लेकिन उसके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे। संगरूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा बम धमाकों, मानहानि नोटिस और ईडी रेड जैसे हथकंडे अपनाती है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में लगातार ईडी की रेड करवाई जा रही हैं। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा विपक्षी नेताओं को दबाव में लाकर अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों पर रेड होती है, उन्हें बाद में भाजपा में शामिल करवाया जाता है।
वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पश्चिम बंगाल की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां शपथ ग्रहण से पहले ही हिंसा का माहौल बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर नफरत की राजनीति कभी सफल नहीं हो सकती और यहां का भाईचारा बहुत मजबूत है।
उधर, दो दिन पहले भी ईडी ने मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। मोहाली के छज्जू माजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में आईटी कारोबारी नितिन के फ्लैट पर रेड की गई थी। नितिन को मुख्यमंत्री कार्यालय के एक ओएसडी का करीबी बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
ईडी की लगातार कार्रवाइयों से पंजाब की राजनीति में तनाव बढ़ गया है और आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।


