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Wednesday, May 13, 2026

कालिंदी एक्सप्रेस के रूट डायवर्जन पर फर्रुखाबाद में उबाल

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– सांसद और डीएम के जरिए रेलमंत्री को भेजा गया ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
फर्रुखाबाद। कालिंदी एक्सप्रेस के प्रस्तावित रूट डायवर्जन को लेकर फर्रुखाबाद में विरोध तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) और नगर उद्योग व्यापार मंडल ने सांसद एवं जिलाधिकारी के माध्यम से रेलमंत्री को ज्ञापन भेजकर ट्रेन को भिवानी–पुरानी दिल्ली होते हुए फर्रुखाबाद या कन्नौज तक पूर्ववत संचालित करने की मांग उठाई है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि रूट परिवर्तन किया गया तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा होगा।
ज्ञापन में कहा गया कि गाड़ी संख्या 14117/14118 कालिंदी एक्सप्रेस फर्रुखाबाद जनपद के हजारों यात्रियों के लिए दिल्ली आने-जाने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। रूट डायवर्जन की खबर सामने आने के बाद व्यापारियों, छात्रों, किसानों, सेना के जवानों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
मुकेश राजपूत को सौंपे गए ज्ञापन में किसान यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि ट्रेन को फर्रुखाबाद लाइन से हटाया गया तो पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। संगठन ने मांग की कि ट्रेन को पहले की तरह फर्रुखाबाद से भिवानी तक संचालित रखा जाए।
दूसरी ओर नगर उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि कालिंदी एक्सप्रेस फर्रुखाबाद से दिल्ली के लिए एकमात्र सीधी और अत्यंत उपयोगी ट्रेन है। पहले इसे कानपुर सेंट्रल तक बढ़ाया गया था जिससे यात्रियों और व्यापारियों को राहत मिली थी, लेकिन अब रूट बदलकर प्रयागराज–भिवानी–इटावा–कानपुर मार्ग से चलाने की तैयारी की सूचना मिल रही है।
व्यापार मंडल ने दावा किया कि फर्रुखाबाद, फतेहगढ़, कमालगंज, गुरसहायगंज, कायमगंज, हरदोई, मैनपुरी और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी बड़ी संख्या में इसी ट्रेन पर निर्भर हैं। कालिंदी एक्सप्रेस में लगातार लंबी वेटिंग और टिकटों की भारी मांग यह साबित करती है कि ट्रेन से रेलवे को भी अच्छा राजस्व प्राप्त होता है।
संगठनों ने आरोप लगाया कि रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते ट्रेन को दूसरे रूट पर भेजने की योजना बनाई जा रही है, जिससे फर्रुखाबाद लाइन के यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों को गंभीर नुकसान होगा। व्यापारियों ने कहा कि यदि ट्रेन को फर्रुखाबाद या कन्नौज तक नहीं चलाया गया तो व्यापारिक संकट गहरा जाएगा।
ज्ञापन में साफ कहा गया कि रेलवे प्रशासन ने यदि जनता की मांगों को नजरअंदाज किया तो किसान यूनियन और व्यापार मंडल संयुक्त रूप से बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह रेलवे प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में जगपाल सिंह राठौर, रिजवान अहमद ताज, अवनीश अग्निहोत्री, शाकिर अली मंसूरी, पूजा सक्सेना, कुमकुम चौहान, राजेंद्र सिंह परिहार, मुन्ना राठौर, विकास राठौर, नरेंद्र वर्मा, संतोष सिंह शाक्य, मोहम्मद इकबाल खान, राकेश सक्सेना, रामजी पाठक, अंकुर श्रीवास्तव, अरुण अग्निहोत्री, सोनी शुक्ला समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी नेता मौजूद रहे।

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