बिना बिल-वाउचर निकाली गई करीब 10 लाख की धनराशि
फर्रुखाबाद
विकासखंड कमालगंज अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बेहटा में वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय की तत्कालीन प्रधानाध्यापिका श्रीमती सौम्या पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विद्यालय विकास मिड-डे मील एवं अन्य मदों में आने वाली सरकारी धनराशि में भारी अनियमितता की। आरोप है कि करीब 10 लाख रुपये की धनराशि बिना किसी वैध बिल-वाउचर के निकाल ली गई, जबकि उपभोग पंजिका में खर्च का स्पष्ट विवरण भी दर्ज नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि विद्यालय में वित्तीय अभिलेखों का रखरखाव बेहद लापरवाहीपूर्ण तरीके से किया गया। उपभोग रजिस्टर अधूरा मिला है और कई पन्नों पर आवश्यक प्रविष्टियां तक नहीं हैं। आरोप है कि सरकारी धनराशि के उपयोग से संबंधित खरीदारी, निर्माण कार्य एवं अन्य खर्चों के दस्तावेज विद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार तत्कालीन प्रधानाध्यापिका श्रीमती सौम्या का अंतर्जनपदीय तबादला 5 जून 2025 को जनपद कन्नौज में हो गया था। तबादले के बाद भी विद्यालय के अभिलेख व्यवस्थित नहीं किए गए और न ही विभाग को पूरी तरह से हस्तांतरित किए गए। इससे वर्तमान विद्यालय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को रिकॉर्ड समझने में कठिनाई हो रही है।जब इस संबंध में तत्कालीन प्रधानाध्यापिका श्रीमती सौम्या से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके विद्यालय में ही नहीं बल्कि कई विद्यालयों में रजिस्टर व्यवस्थित तरीके से नहीं बने हैं, इसलिए उन्होंने भी रजिस्टर पूरा नहीं बनाया था। हालांकि उनके इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है, क्योंकि सरकारी धनराशि के उपयोग में नियमों का पालन करना अनिवार्य माना जाता है।


