पटियाली/ कासगंज । हरियाणा के नूंह जिले में तावड़ू स्थित कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में कासगंज जनपद के गांव अलीपुर दादर निवासी उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। वह वर्तमान में जालौन जिले की उरई कोतवाली में तैनात थे और एक अपहरण मामले में पुलिस टीम के साथ दबिश देने जा रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया है कि पुलिस टीम स्कॉर्पियो वाहन से हरियाणा की ओर जा रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन आगे खड़े एक डंपर से जा टकराया, जिससे हादसा इतना भीषण हुआ कि मौके पर ही कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इनमें दरोगा सत्यभान सिंह भी शामिल थे। इस घटना ने पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
मृतक दरोगा सत्यभान सिंह एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते थे और अपने पांच भाइयों में शामिल थे। उनके बड़े भाई सत्यवीर सिंह गांव अलीपुर दादर में खेती करते हैं, जबकि भाई कीरत सिंह और बादल सिंह आगरा में निवास करते हैं। एक अन्य भाई गुरदेव सिंह झांसी में लेखपाल चकबंदी के पद पर कार्यरत हैं। सत्यभान सिंह पिछले लगभग 20 वर्षों से फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे और ड्यूटी के चलते गांव कम ही आ पाते थे।
परिवार में उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे मंजीत सिंह की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बेटे विशाल और बाबू अभी युवा अवस्था में हैं। उनकी दोनों बेटियों आनंदी और पूनम की भी शादी हो चुकी है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन फतेहगढ़ के लिए रवाना हो गए। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग इस दुखद घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों और परिचितों का कहना है कि सत्यभान सिंह मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे, जिनकी असामयिक मौत से क्षेत्र ने एक जांबाज पुलिसकर्मी को खो दिया है। पुलिस विभाग द्वारा भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है।


