– बोले- “10 नंबरी मॉडल ने लोकतंत्र को जकड़ लिया”
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया, मीडिया और भारतीय जनता पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पश्चिम बंगाल समेत हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अखिलेश यादव ने कई बड़े बयान देकर राष्ट्रीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन ने भारतीय जनता पार्टी को हराया, जिसके कारण केंद्र में ऐसी सरकार बनी जो पूर्ण बहुमत की नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता का मूड बदल चुका है और भाजपा के खिलाफ देशभर में माहौल तैयार हो रहा है।
सपा प्रमुख ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “इस 10 नंबरी मॉडल ने पूरे लोकतंत्र को जकड़ लिया।” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर मॉडल की विस्तृत व्याख्या नहीं की, लेकिन उनके बयान को चुनावी प्रक्रिया और मतगणना प्रणाली पर निशाना माना जा रहा है।
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से हजारों एफिडेविट चुनाव आयोग को सौंपे गए थे, लेकिन एक भी मामले में कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सपा अध्यक्ष यहीं नहीं रुके। उन्होंने मीडिया संस्थानों को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि “लोकतंत्र को खत्म करने में मीडिया हाउस का भी बहुत बड़ा रोल है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और मीडिया जगत में नई बहस छिड़ गई है।
पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यह केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल चुका है। उन्होंने दावा किया कि देश के 95 प्रतिशत लोग अब जागरूक हो रहे हैं और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा, “कहीं ऐसा न हो कि 5 प्रतिशत का भंडाफोड़ 95 प्रतिशत लोग कर दें।”
पश्चिम बंगाल मतगणना को लेकर भी अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि बंगाल की मतगणना की सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने लाइव उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि चुनावी पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि इस बार पीडीए भारतीय जनता पार्टी को “हमेशा के लिए हटा देगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग वोट “लूट” रहे हैं, वही आगे चलकर आरक्षण व्यवस्था को भी प्रभावित करेंगे। महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता को भविष्य के खतरों को समझना होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “मेडिकल सर्विसेज जीरो कर दी गई हैं” और गरीबों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।
अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है।
लोकतंत्र, चुनाव आयोग और मीडिया पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला


