लखनऊ
प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, बारिश व आकाशीय बिजली ने व्यापक तबाही मचा दी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में कुल 23 लोगों की जान चली गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई इलाकों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं।
अवध क्षेत्र के जिलों में ही सात लोगों की मौत दर्ज की गई। गोंडा में पेड़ गिरने, बिजली का तार टूटने और कार पलटने से चार लोगों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हुई। वहीं बलरामपुर में पेड़ गिरने से एक ई-रिक्शा चालक की जान चली गई। बहराइच और अंबेडकर नगर में आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो संभल में सर्वाधिक 130 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कासगंज में 97 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा बरेली, बाराबंकी, मुरादाबाद और गोरखपुर समेत कई जिलों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई। तेज हवाओं की रफ्तार 80 से 85 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे तापमान में 10 से 12 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए मंगलवार के लिए 21 जिलों में गरज-चमक और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।


