फर्रुखाबाद। एक ओर नगर में स्वच्छता अभियान के तहत घर-घर डस्टबिन वितरण का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नगर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में गिने जाने वाले राजकीय इंटर कॉलेज के आसपास फैली गंदगी ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय के दोनों मुख्य द्वारों के आसपास कूड़े के ढेर लंबे समय से लगे हुए हैं। हालात यह हैं कि यहां से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को दुर्गंध और गंदगी के बीच से होकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर स्थायी रूप से डस्टबिन रखवाने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन नगरपालिका प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं दिख रहा।
बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व यहां एक डस्टबिन रखा भी गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में वह जल्द ही क्षतिग्रस्त हो गया और फिर हट गया। उसके बाद से स्थिति और बदतर होती चली गई। अब हालत यह है कि विद्यालय के आसपास कूड़े का अंबार लगा रहता है और सफाई व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है।
स्थानीय नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर गहरा रोष है। उनका कहना है कि जब शहर को स्वच्छ बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो ऐसे प्रमुख स्थानों की अनदेखी समझ से परे है। सवाल यह भी उठता है कि जब शिक्षण संस्थानों के आसपास ही सफाई का यह हाल है, तो बाकी इलाकों की स्थिति क्या होगी।
नगरपालिका की इस उदासीनता ने स्वच्छता अभियान की वास्तविकता उजागर कर दी है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करते हैं, या फिर कोई ठोस कदम उठाकर व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जाता है।


