लखनऊ: लखनऊ कमिश्नरेट (Lucknow Commissionerate) कोतवाली कैसरबाग पुलिस ने नकाबपोश होकर बंद मकानों में चोरी करने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार (arrests) कर बड़ी मिली सफलता मिली है। आरोपी बंद पड़े घरों की रेकी करते थे और फिर सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए करीब 15 किलोमीटर के दायरे में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली है।
एडीसीपी पश्चिम धनंजय सिंह कुशवाहा ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि, गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 38 पीली धातु (लगभग 392 ग्राम) और 19 सफेद धातु (लगभग 217 ग्राम) के आभूषण, 870 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (UP 32 KL 2194) बरामद की गई है। अभियुक्तों को रोजगार भवन के सामने से थाना कैसरबाग पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की परिचय
करण वर्मा (लोनी कटरा, बाराबंकी)
सुनील सोनी (गोसाईगंज, लखनऊ)
मोहम्मद आजम उर्फ रानू (गौतम पल्ली में किराए पर, मूल निवासी कैसरबाग, लखनऊ) शामिल हैं।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी बड़ा लंबा है।
सुनील पर 7, करण वर्मा पर 16 और मोहम्मद आजम उर्फ रानू पर 4 मुकदमे दर्ज हैं। इनके सभी के खिलाफ चिनहट, मोहनलालगंज, सुशांत गोल्फ सिटी, सहादतगंज, गोमतीनगर, पारा, फतेहपुर व बाराबंकी समेत विभिन्न थानों में कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तारी में थाना कैसरबाग प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार मिश्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अरविंद कुमार , उपनिरीक्षक प्रशांत कुमार, उप निरीक्षक सावंत कुमार उप निरीक्षक रंजीत सर्विलांस प्रभारी हेड कांस्टेबल वीर सिंह कांस्टेबल अनीश वर्मा अहम भूमिका रही गिरफ्तारी में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई।


