गोरखपुर: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) शनिवार को गोरखपुर पहुंचे। रात्रि विश्राम के बाद रविवार को उन्होंने 81 दिवसीय गौ रक्षा यात्रा (cow protection yatra) (गविष्ठि यात्रा) की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सत्ता हमको डरा रही है लेकिन परम सत्ता हमारे साथ है। गाय की रक्षा करना है। देश तो हिंदू राष्ट्र नहीं है और जो पार्टी सत्ता में है वो भी हिंदू पार्टी नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि हम योगी आदित्यनाथ को चिढ़ाने के लिए गोरखपुर नहीं आए हैं, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और पूरा प्रदेश उनका है।
गोरखपुर भगवान गोरखनाथ के लिए आए हैं। गोरखनाथ मंदिर हम जा चुके हैं। उनके सानिध्य बैठकर पूजा कर चुके हैं, आशीर्वाद ले चुके हैं। यात्रा पूरी होने के बाद फिर गोरखनाथ मंदिर जाकर पूजा और आरती करेगें। योगी गो माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें तो हम खुलकर उनके कसीदे पढ़ेंगे।
स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो मुख्यमंत्री है, वो गाय की रक्षा नहीं कर पा रहा है। केंद्र की नहीं सुनता है, सही होता तो गोरक्षनाथ जी की ओर हाथ करके गाय की रक्षा का संकल्प लेता। वो डरता है कि मुसलमान हमें वोट नहीं देगा। हिमन्त बिस्वा से पत्रकार ने पूछा, आपको गौ हत्यारो का वोट चाहिए तो कहते हैं कि चाहिए। ईवीएम मशीन में गो हत्यारों का वोट जाएगा, गाय का खून और दूध आप मिलाकर पियोगे? नहीं पियोगे।
स्वामी ने कहा कि बहुत डराने की कोशिश की गई, चाहे कितने भी बड़े योद्धा आए, उन्हें परास्त कर दिया तो इन्हें परास्त करने में देर नहीं लगेगी। बहुत से लोग इन्हें ही अपना समझ रहे हैं. 37 से ज्यादा कानून हिंदुओ के खिलाफ बनाए गए हैं। मंदिर तोड़े जा रहे हैं। समलैंगिकता अपराध नहीं रह गई। अंबेडकर के भक्त भी बन जा रहे हैं और उनके संविधान को भी बदल दे रहे हैं। एक नोट एक वोट गोरक्षा और रामाधाम के नाम पर दीजिए। हर विधानसभा में गोरक्षा के लिए बनने वाले रामाधाम के लिए वोट दें।
स्वामी ने कहा कि बूचड़खाने पर तीसरे चरण में धावा बोलेंगे। भारत का हिंदू सेक्लुयलर हो जाता है और अन्य धर्म के लोग अपने धर्म का पालन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसी भी पार्टी से कोई संबंध नहीं रखा है, हमने सनातन धर्म और सनातनियो से संबंध रखा है। किसी को इस भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है, शंकराचार्य किसी पार्टी के फंड से खेलने वाले हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान में उनके लिए कोई मांग रखे तो सरकार सुनेगी नहीं? क्या ईसाईयों की उनके देश में उनकी नहीं सुनी जाएगी? लेकिन भारत में सरकार से गौमाता की रक्षा की बात भारत की सरकार नहीं सुनती है। इसका मतलब भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं है। एक-दो-चार इंजन ही इंजन, जनता के लिए डिब्बा कहां है? है भी तो फर्स्ट क्लास का है।


