दुल्हन ने जयमाला छोड़ ठुकराया रिश्ता, बिना दुल्हन लौटी बारात
इटावा
जनपद के बकेवर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय विवाद और हंगामे में बदल गया, जब जयमाला के दौरान ‘नेग’ की रकम को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। दूल्हे की आपत्तिजनक हरकत और कथित दहेज मांग से आहत दुल्हन ने साहसिक फैसला लेते हुए शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद पूरी बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। इस घटना की पूरे क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम रतनपुर निवासी राम लखन की पुत्री रीना उर्फ काजल की शादी बसरेहर क्षेत्र के खड़कौली गांव निवासी अजय पाल के साथ तय हुई थी। गुरुवार रात महेवा स्थित एक गेस्ट हाउस में शादी समारोह का आयोजन किया गया था। प्रारंभिक रस्में, द्वाराचार और स्वागत कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुए, लेकिन जैसे ही जयमाला की रस्म शुरू हुई, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
बताया गया कि जयमाला के दौरान सालियों द्वारा पारंपरिक ‘नेग’ के रूप में 5100 रुपये की मांग की गई, जबकि वर पक्ष ने केवल 200 रुपये देने की बात कही। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान दुल्हन के छोटे भाई ने नाराजगी में वह 200 रुपये उठाकर दूल्हे के पिता की जेब में वापस रख दिए, जिससे विवाद और बढ़ गया।
आरोप है कि इसी बात पर नशे में धुत दूल्हा अजय पाल अपना आपा खो बैठा। उसने सेहरा उतारकर पास में रखा डंडा उठाया और दुल्हन के भाई पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस मारपीट से शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और खुशी का माहौल तनाव में बदल गया। दुल्हन पक्ष का यह भी आरोप है कि वर पक्ष द्वारा अतिरिक्त नकदी की मांग की जा रही थी, जिससे मामला और बिगड़ गया।
दूल्हे की इस हिंसक हरकत और व्यवहार से आहत दुल्हन रीना ने मौके पर ही बड़ा फैसला लेते हुए जयमाला छोड़ दी और साफ शब्दों में शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले का उसके परिजनों ने भी समर्थन किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पूरी रात पंचायत और समझौते के प्रयास चलते रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। हालांकि वहां भी समझौता नहीं हो सका और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
थानाध्यक्ष विपिन मलिक ने बताया कि वधु पक्ष की ओर से मारपीट और दहेज उत्पीड़न की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल सामाजिक कुरीतियों और दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अब बेटियां अपने सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं। दुल्हन के इस साहसिक कदम की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और लोग इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं।


