एटा: जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी अरविंद सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई तथा उनकी प्रगति का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव, प्रसूताओं को मिलने वाले प्रोत्साहन भुगतान, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा एम्बुलेंस सेवाओं (102 और 108) की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं का पूरा विवरण समय से आशा डायरी में दर्ज करें और उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि डेटा समय पर फीड न होने के कारण जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ में देरी होती है, जो गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भुगतान में अनावश्यक देरी पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की और कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराएं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे टीकाकरण अभियान को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी बच्चों को समय पर आवश्यक टीके लगाए जाएं। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और उनकी प्रतिक्रिया समय (Response Time) की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं और इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की सख्ती: स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी


