जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur) में बरगी डैम (Bargi Dam) के बैकवॉटर में हुए क्रूज हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आगरा से बुलाई गई स्पेशल डाइविंग टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रूह कंपा देने वाला दृश्य सामने आया है। डैम में पानी की गहराई में सर्चिंग के दौरान ऐसा मंजर देखा की रेस्क्यू टीम का दिल बैठ गया। गहरे पानी में डूबे क्रूज के मलबे के बीच एक मां का शव मिला, जो अपने मासूम बच्चे को कलेजे से चिपकाए थी। मां की पकड़ इतनी मजबूत थी कि मौत का झपट्टा भी शर्मा गया।
शुक्रवार सुबह बरगी डैम में फुर्ती के साथ रेस्क्यू में जुटी टीम ने बताया कि सर्चिंग के दौरान जब वे लोग क्रूज के अंदर दाखिल हुए तो ऐसा सीन दिखा, जिसे देखकर दिल कांप गया। ये मां हादसे के बाद 12 घंटे तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से चिपकाए रही। रेस्क्यू कर रही आगरा की डाइविंग टीम ने बताया क्रूज के अंदर से मां-बेटे की डेडबॉडी को लोहे की रॉड व टूटे स्ट्रक्चर की मदद से निकाला गया। ये दिल को हिलाने वाले बेहद भावुक पल थे।
क्रूज में खिड़की के पास मलबे के बीच मां अपने बच्चे को अपनी लाइफ जैकेट के भीतर समेटे थी। इस महिला के शव को निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ये दर्दनाक तस्वीर मरिना मैसी और उसके 4 साल के बेटे त्रिशान की है। मरिना ने अपने बेटे त्रिशान को हादसे के दौरान इतनी मजबूती से अपनी लाइफ जैकेट के भीतर समेट लिया था कि मौत का मंजर भी उन्हें अलग नहीं कर सका।
पता चला है कि दिल्ली से घूमने आए इस परिवार में पिता प्रदीप और बेटी सिया सुरक्षित हैं लेकिन प्रदीप का पत्नी और बेटा नहीं बच सका। वे दिल्ली से घूमने आए थे। पिता और बेटी इस भयानक हादसे से बच निकलने में कामयाब रहे। खबरों के मुताबिक, जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं, 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
प्रशासन के मुताबिक अभी भी 4 लोग लापता हैं। बताया जाता है कि हादसे के वक्त क्रूज में 43 से 47 पर्यटक थे। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया “शुरुआती रेस्क्यू में SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ” शुक्रवार दोपहर तक रेस्क्यू जारी था।


