मैनपुरी। जनपद में लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्या को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दक्षिणी बाईपास के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यदायी संस्था के निर्देश पर लखनऊ की राजलक्ष्मी इंटरप्राइजेज कंपनी ने प्रथम चरण में चिन्हित भूमि पर मशीनों के माध्यम से समतलीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया है। अजीतगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जेसीबी और अन्य भारी मशीनों के जरिए जमीन को समतल किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य को गति मिल सके।
बताया गया है कि यह बाईपास परियोजना लगभग 169 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है, जिसके पहले चरण में करीब 15.150 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। यह सड़क भोगांव क्षेत्र के करीब 9 गांवों की भूमि से होकर गुजरेगी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भी हलचल देखी जा रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहण और रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाई गई है, ताकि परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी हो सके।
गौरतलब है कि शिकोहाबाद-भोगांव स्टेट फोरलेन हाईवे पर पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, जिसके चलते मैनपुरी शहर के भीतर आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। खासतौर पर बाजार और मुख्य मार्गों पर घंटों जाम लगने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने दक्षिणी बाईपास निर्माण की योजना को स्वीकृति दी थी, जिससे बाहरी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही वैकल्पिक मार्ग मिल सके।
स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाईपास बनने के बाद न केवल यातायात व्यवस्था सुचारू होगी, बल्कि व्यापार और आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शहर के भीतर प्रदूषण और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में तेजी देखने को मिल रही है और उम्मीद है कि निर्धारित समय में यह परियोजना पूर्ण कर ली जाएगी, जिससे मैनपुरीवासियों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिल सकेगी।


